राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू होने के बाद से बहुत से प्रदेशों ने इसे लागू किया और आमूल-चूल परिवर्तन किये. इससे पहले की पोस्ट में जीपीए के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया गया.
(इसे यहाँ क्लिक करके देखा जा सकता है) इस पोस्ट में जीपीए के द्वारा किस तरह सीजीपीए को निकालते हैं, इसे समझाने का प्रयास किया गया है.
संलग्न तालिकाओं के द्वारा एसजीपीए/जीपीए और
सीजीपीए निकालने की प्रक्रिया को समझा जा सकता है.
तालिका 01
(किसी विद्यार्थी का सेमेस्टर एक का परीक्षा
परिणाम)
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पाठ्यक्रम
|
क्रेडिट
|
अंक
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Point Earned
अंक ÷ 10
|
Point Secured
PE x क्रेडिट
|
|
A
|
5
|
75
|
7.5
|
37.5
|
|
B
|
4
|
80
|
8.0
|
32.0
|
|
C
|
4
|
77
|
7.7
|
30.8
|
|
D
|
2
|
70
|
7.0
|
14.0
|
|
योग
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15
|
302
|
|
114.3
|
इस विद्यार्थी का इस सेमेस्टर का GPA = Total of Point Secured ÷ Total of
Credit
GPA = 114.3 ÷ 15 = 7.62
उदहारण स्वरूप यह एक सेमेस्टर का जीपीए है. इसी
तरह यदि किसी विद्यार्थी ने पूरे छह सेमेस्टर परीक्षा देने के डिग्री प्राप्त की
तो उसका परीक्षा परिणाम किस रूप में सामने आएगा, इसे यहाँ से समझा जा सकता है. यहाँ
एक सेमेस्टर के GPA
को उदाहरण स्वरूप तालिका एक में दिखाया ही गया है. इसी आधार पर मान
लिया जाये कि दूसरे सेमेस्टर में कुल क्रेडिट होंगे 15 और जीपीए आएगा 7.11, तीसरा
सेमेस्टर कुल 15 क्रेडिट का होगा और जीपीए होगा 7.84, चौथे सेमेस्टर में कुल
क्रेडिट होंगे 20 और जीपीए होगा 8.19, पाँचवाँ सेमेस्टर भी 20 क्रेडिट का और जीपीए
निकला 7.88, छठवाँ और अंतिम सेमेस्टर भी 20 क्रेडिट का अनु जीपीए हुआ 7.56.
इस आधार पर किसी विद्यार्थी का सीजीपीए निकाला
जाये तो उसको निम्न तालिका से समझा जा सकता है.
तालिका 02
(किसी विद्यार्थी का सभी सेमेस्टर के बाद का
परीक्षा परिणाम)
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सेमेस्टर 1
क्रेडिट = 15
जीपीए = 7.62
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सेमेस्टर 2
क्रेडिट = 15
जीपीए = 7.11
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सेमेस्टर 3
क्रेडिट = 15
जीपीए = 7.84
|
|
सेमेस्टर 4
क्रेडिट = 20
जीपीए = 8.19
|
सेमेस्टर 5
क्रेडिट = 20
जीपीए = 7.88
|
सेमेस्टर 6
क्रेडिट = 20
जीपीए = 7.56
|
इस तालिका में उस कल्पित विद्यार्थी के क्रेडिट
और जीपीए को अंकित किया गया है, जिसने अपने सभी छह सेमेस्टर का अध्ययन पूर्ण कर
लिया गया है. ऐसे विद्यार्थी के लिए सीजीपीए निकालने के लिए इन्हीं छहों सेमेस्टर
के क्रेडिट और जीपीए की आवश्यकता होगी.
सीजीपीए निकालने के लिए एक-एक सेमेस्टर के
क्रेडिट और जीपीए के गुणनफल का योग करना होगा.
= 15x7.62 + 15x7.11 + 15x7.84 + 20x8.19 + 20x7.88 + 20x7.56
= 114.3 + 106.65 + 117.6 + 163.8 + 157.6 + 151.2
= 811.15
यहाँ कुल जीपीए और क्रेडिट के गुणनफल का योग तो
प्राप्त हो गया. इन्हीं कुल छह सेमेस्टर के क्रेडिट का योग 15+15+15+20+20+20= 105 हुआ. प्राप्त
गुणनफल के योग में कुल क्रेडिट के योग का भाग देने पर CGPA प्राप्त
हो जाता है. इस प्रकार CGPA को प्राप्त करने के लिए जीपीए और
क्रेडिट के योग 811.15 को कुल क्रेडिट 105 से विभाजित करना होगा. अतः सीजीपीए हुआ
811.15 ÷ 105 = 7.72
यह उदाहरण में लिए गए विद्यार्थी का सीजीपीए आया.
ग्रेडिंग तालिका के आधार पर इस विद्यार्थी का परीक्षा मूल्यांकन किया जा सकता है.
ग्रेडिंग सम्बन्धी तालिका निम्नवत है.
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ग्रेड
|
परिणाम
|
अंक
|
|
O
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Outstanding -
असाधारण
|
10
|
|
A+
|
Excellent - उत्कृष्ट
|
09
|
|
A
|
Very Good - बहुत अच्छा
|
08
|
|
B+
|
Good – अच्छा
|
07
|
|
B
|
Above Average – औसत के ऊपर
|
06
|
|
C
|
Average – औसत
|
05
|
|
P
|
Pass – उत्तीर्ण
|
04
|
|
F
|
Fail – अनुत्तीर्ण
|
00
|
|
Ab
|
Absent – अनुपस्थित
|
00
|
उक्त ग्रेडिंग तालिका के आधार पर यदि विद्यार्थी
के परीक्षा परिणाम का मूल्यांकन करें तो विद्यार्थी का सीजीपीए प्राप्त हुआ 7.72
जो तालिका के अनुसार ग्रेड A
अर्थात बहुत अच्छा में आता है.
यहाँ समझने वाली बात ये है कि सीबीसीएस के लागू
होने के बाद से अंकों के आधार पर मूल्यांकन बंद हो जायेगा मगर मूल्यांकन होना बंद
नहीं होगा. विद्यार्थियों को अब अंक नहीं बल्कि अंकों के सहारे ग्रेड लाने के लिए
मेहनत करनी होगी.
