
आई0 पी0 एल0 के गोरखधंधे का परिणाम क्या होगा ये तो सिर्फ जाँच करने वालों को ही मालूम होगा। सत्यता कुछ भी हो किन्तु यह तो सत्य ही है कि
सिवाय हटने-हटाने के कुछ और नहीं होगा।देश के अंधे दीवाने दर्शकों के लिए यही सबक होना चाहिए किन्तु
जिस निर्लज्जता से दर्शकों ने फाइनल को देखने का जुनून दिखाया उससे लगता है कि अब आई0 पी0 एल0 के गोरखधंधेबाज इसको देश से बाहर चलाकर ही अपना उल्लू सीधा करेंगे। हाँ, यदि देश में भी करवाया तो सब कुछ इतना पर्दे के पीछे होगा कि किसी को भी भनक नहीं होगी। मोदी-थरूर की घटना ने इनको एक सबक तो दे ही दिया है।
बेचारे दर्शक, अब बेचारे बिलकुल भी नहीं हैं। वे तो बेशर्म, निर्लज्ज, चिकने घड़े हो गये हैं जिनके लिए सिर्फ और सिर्फ हुल्लड़ मचाना प्राथमिकता में है। खेल, देश, अपने धन की कोई फिक्र नहीं।इसी आई0 पी0 एल0 के हुड़दंग में
हमने भी कलम की हुड़दंग मचा ली, हाइकु के रूप में। वहीं आपके सामने है----
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आई पी एल,खेल पैसे का खेले,
मोदी थरूर।दीवानगी में,होश नहीं कुछ भी,दर्शक लुटे।खेल गर्त में,खिलाड़ी भागते हैं,पीछे धन के।खेल भावना, हुई छूतंमर है,धन के पीछे।गोरखधंधा,खेल से फैला हुआ,चारों तरफ।आहत मन,है सांसत में जान ,कि बुरे फँसे।कुछ न होगा,पकड़ेंगे किसको,सबूत कहाँ।चोर चोर हैंबने मौसेरे भाई,
यही खेल है।रहेगा चालू,मिलीभगत का खेल,पैसा है पैसा।मरने वालो,आई पी एल पर,अब तो जागो।(चित्र गूगल छवियों से साभार)
