खबर सुनने को मिली है कि ताई बाई के जालौन स्थित महल का एक बड़ा हिस्सा गिर गया है.
बहुत से लोग ताई बाई को ही नहीं जानते होंगे. बहुतों ने उनके बारे में सुना ही नहीं होगा. वे 1857 की क्रांति की एक महान वीरांगना और प्रथम महिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थीं.
सोचने वाली बात ये है कि हम लोग अपने पूर्वजों के प्रति, अपने बलिदानियों के प्रति सम्मान का भाव क्यों नहीं रख पा रहे हैं? क्यों उनके प्रति उदासीन बने रहते हैं? अब कुछ दिन मीडिया में आने के लिए उनके क्षतिग्रस्त महल को लेकर स्यापा होगा और फिर सबकुछ वैसे ही शांत हो जाएगा, जैसे उनकी प्रतिमा स्थापित करने वाले मुद्दे पर हुआ.

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