युवाओं के लिए आदर्श होने चाहिए ये दो युवा और इनकी पूरी टीम.
स्काईरूट एयरोस्पेस के द्वारा 'विक्रम-1' को 18 जुलाई 2026 को प्रक्षेपित किया गया. यह भारत का पहला पूर्णतः
निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट है. श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से
इसका सफल परीक्षण किया गया. इसके पहले स्काईरूट का पहला ऐतिहासिक सब-ऑर्बिटल
मिशन विक्रम-एस था. इसे 18 नवंबर
2022 में 'प्रारंभ' नामक मिशन के अंतर्गत प्रक्षेपित किया गया था. इस
प्रोजेक्ट ने भारत के निजी स्पेस सेक्टर के लिए रास्ते खोले थे.
आपको बताते चलें कि स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापक इसरो के दो पूर्व युवा
वैज्ञानिक पवान कुमार चंदना (उम्र- 35 वर्ष) और नागा भरत डाका (उम्र- 36 वर्ष) हैं. उन्होंने 2018 में हैदराबाद स्थित प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप की शुरुआत की थी.
एक ये ज़ेन-जी हैं और एक वे हैं जो कॉकरोच बने घूम रहे हैं.
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