28 अगस्त 2025

कहीं और से नियंत्रित होता मोबाइल

एंड्रॉयड मोबाइल फ़ोन के कॉल डायलिंग सम्बन्धी कुछ बदलाव के बाद अधिकतम लोग ऐसे बिलबिला रहे जैसे कोई अचम्भा हो गया. स्मार्ट फ़ोन की नज़र में आप जैसे बिलबिलाने लोग ही बेवकूफ हैं. आज से नहीं बल्कि स्मार्ट फ़ोन, इंटरनेट के गठबंधन के समय से ही समझाया जा रहा है कि आपके हाथ में सिर्फ़ मोबाइल पकड़ना और स्क्रॉल करना है. बाक़ी सभी कंट्रोल तो उसके पास हैं जो आपको ये मुफ्त सुविधाएँ दे रहा है.


सोचिए, आप कोई एक विज्ञापन देख लें फिर वैसे ही आपकी स्क्रीन पर आने लगते हैं. आप कुछ सर्च कर लें वही आपको दिखने लगता है. कोई रील देख लें फिर उसी तरह की रील आपके सामने से गुजरने लगती हैं. अभी ये बदलाव बहुत छोटा सा बदलाव है. आपकी लोकेशन उनके पास है, आपका बैंक खाता उनके पास है, आपका एटीएम, उसका पिन उनको पता है, आपका आधार-पैन-पासवर्ड आदि सब उनके पास है. सबकुछ तो इंटरनेट से जुड़ा है और वही सबकुछ मोबाइल से लिंक करवाया जा रहा है. यही मोबाइल आपके हाथ में होने के बाद भी दूसरे के नियन्त्रण में है. 


एक जरा से बदलाव के बाद भी आप सजग न हुए, संगठित हो इस लिंक-लिंक खेल के विरोध में न उतरे, अपने तमाम खातों पर मजबूत पासवर्ड न बनाये, हैशटैग खेल और मुफ्तखोरी से बाहर न निकले तो अगला बदलाव हमारे-आपके खातों में, दस्तावेज़ों में, जानकारियों में होगा.

 

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