16 मार्च 2025

आपके बिना दो दशक का सफ़र

 दो दशक की यात्रा, आपके बिना. 

कुछ घटनाएँ कभी भूलती ही नहीं, भुलाई भी नहीं जाती. कोशिश करने पर भी दिल-दिमाग से वे पल नहीं हटते. आपका जाना अनायास हुआ. ज़िन्दगी भर एक मलाल रह गया की कि आपसे न कुछ कह सके, आपसे बात भी नहीं कर सके, आपके लिए जब कुछ करने लायक स्थिति में आये तो कर भी न सके. इन बीस सालों में हर कदम आपके ही कामों को पूरा करने का प्रयास किया, आपकी ही तरह बनने की कोशिश की, सभी को एकसूत्र में बाँधे रखने की कोशिश की. कहाँ तक और कितने सफल हुए, इसका आकलन आप ही करियेगा. 


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