कुछ दिनों तक मोबाइल बंद रखने वाले कदम पर बहुत से मित्रों, परिचितों के विचार जानने को मिले. बहुत से मित्रों ने आज के दौर में इसे बहुत कठिन कार्य बताया. हो सकता है कि बहुत से लोगों के लिए ये कठिन काम हो; बिना मोबाइल के उनका गुजारा न होता हो मगर ऐसा नहीं कि बिना मोबाइल के कोई काम नहीं हो सकता है.
बाक़ी लोगों के बारे में तो नहीं कहा जा सकता है कि उनका रुख क्या रहता है मगर अपने बारे में कुछ स्पष्ट सी बातें......
=>> मोबाइल ज़िन्दगी भर के लिए बंद नहीं किया जा रहा है. कुछ
समय बस खुद के साथ रहने की कोशिश है.
=>> हम कोई मंत्री, सांसद, विधायक तो हैं नहीं... कोई प्रशासनिक अधिकारी भी नहीं हैं कि लाइसेंस, ठेके, जमानत, थाना, कोतवाली आदि मामलों में
सहायक होंगे.
=>> अत्यावश्यक कार्य (वैसे तो होगा नहीं, फिर भी यदि हुआ तो) होने पर जिसे आवश्यकता होगी,
वो हमारा पता करके हमसे मिल लेगा.
=>> आजकल फोन से बातचीत लोग वैसे भी न के बराबर कर रहे हैं.
ज्यादातर बातचीत चैट के माध्यम से हो रही है, तो उसके लिए ये सोशल मीडिया जिन्दा रहेगा. एक-दूसरे तक
खबर पहुँचती रहेगी.
=>> एक सबसे विशेष बात कि मोबाइल ज़िन्दगी नहीं है,
मित्र, परिजन, सहयोगी आदि ही ज़िन्दगी हैं. मोबाइल के बिना ज़िन्दगी पहले भी थी, अभी भी बहुत से लोगों की है.
=>> पहले भी लगभग दो साल के लिए हम मोबाइल पूरी तरह से बंद
किये रहे थे. अभी 2018-19 में लगभग
साल भर whatsapp भी बंद रहा. ऐसा
कोई काम नहीं जो आप विचार करें और वो हो न सके.
=>> मोबाइल के बिना भी हम सब जीवित रहेंगे, मिलते रहेंगे. इसलिए परेशान न हों. हमारे सहयोगी
बनें और प्रयास करें मेलजोल बढ़ाने का.

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