09 May 2012

कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध संवेदनशीलता लानी होगी





          आमिर खान ने सत्यमेव जयते कार्यक्रम की आरम्भिक कड़ी में कन्या भ्रूण हत्या जैसे मुद्दे को दिखा कर एक ऐसी बहस को जन्म दे दिया जिसका कि कोई औचित्य ही नहीं है। सोशल साइट्स पर आमिर खान के पक्ष और विपक्ष में एक प्रकार की लामबन्दी होनी शुरू हो गई है। कोई इसे हथकंडा मान रहा है, किसी के लिए यह एक तरह का ड्रामा है; कोई इसके साथ खड़ा होकर इस विषय पर सार्थक कदम उठाये जाने की बात कह रहा है। कुछ भी हो, वे चाहे पक्ष में खड़े होने वाले लोग हों अथवा विपक्ष में खड़े होने वाले पर सभी को एकमत से यह तो स्वीकार ही करना पड़ेगा कि कन्या भ्रूण हत्या देश के लिए एक समस्या तो है ही।
          चलिए एक पल को हम यह मान लें कि आमिर खान इस कार्यक्रम के द्वारा किसी तरह का सामाजिक कार्य न करके सिर्फ और सिर्फ धन कमाना चाह रहे हैं तो इसमें बुराई क्या है? आखिर सभी किसी न किसी रूप में अपने पेट के लिए ही काम कर रहे हैं और फिर आमिर खान जैसे फिल्मी जगत से जुड़े लोगों के लिए यही रोजी-रोटी है। इसके अलावा यदि एक पल को इसके दूसरे पहलू पर भी गौर करें तो क्या हम अपने आपसे एक सवाल करके उसका जवाब स्वयं को ही दे पायेंगे कि हम स्वयं में समाज के लिए अथवा कन्या भ्रूण हत्या जैसे विषय पर क्या कर रहे है?
          यह इस देश का सबसे बड़ा सत्य है कि यहाँ उन विषयों को, मुद्दों को ज्यादा अहमियत दे दी जाती है जिसे कोई नामी चेहरा सामने लाये अथवा जिसको सामने लाने में मीडिया अपनी रुचि दिखाने लगे। अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन, बाबा रामदेव का काले धन को वापस लाने का आन्दोलन, आरुषि हत्याकांड, अमिताभ-सचिन से जुड़ी कोई भी खबर सबमें कहीं न कहीं कोई चेहरा या मीडिया की भूमिका ही प्रभावी रही है। अब यदि इस मुद्दे को आमिर खान जैसा चेहरा हवा दे रहा है, मीडिया उसको प्रचारित कर रही है तो बुरा क्या है? इन्हीं के बहाने एक बार फिर से तो इस संवेदनशील विषय पर हमारी असंवेदनशीलता टूटी है।
          आइये बिना इस बात पर विचार करे कि कौन सा चेहरा हमारे सामने कन्या भ्रूण हत्या जैसे मुद्दे को लेकर आया है, हम इसके खिलाफ माहौल बनाने का काम करें। न सही आमिर खान की तरह से ही पर अपने तरीके से ही सही, इस मुद्दे के प्रति लोगों को संवेदित करने का काम करें। यदि हम सभी ही, हम एक-एक ही इस विषय पर जाग गये तो इस देश से कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराई दूर होने में समय नहीं लगेगा।

चित्र गूगल छवियों से साभार 

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