10 December 2009

शाबास - बेटियों ने पिता को दिया कन्धा




उत्तर प्रदेश के छोटे से जनपद जालौन में लड़कियों द्वारा ऐतिहासिक कदम उठाया गया। पुत्र के न होने की दशा में पुत्रियों ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया साथ ही मुखग्नि भी दी।
प्रदेश में बुन्देलखण्ड क्षेत्र को हमेशा से पिछड़ा सिद्ध करने की साजिश होती रही है। ऐसे में इस क्षेत्र में इस प्रकार की घटना यह दर्शाती है कि इस क्षेत्र के लोग यदि अपनी परम्पराओं और संस्कार का निर्वहन करना जानते हैं तो वे रूढ़ियों को तोड़ने में भी विश्वास रखते हैं।
इस घटना में विशेष बात यह रही कि सभी ने लड़कियों के इस कार्य की सराहना की। किसी के द्वारा भी विरोध के स्वर सुनाई नहीं दिये।
वाकई ऐसी लड़कियाँ मिसाल हैं। शाबास...........
(यह घटना दिनांक 10 दिसम्बर 2009 के अमर उजाला, बुन्देलखण्ड संस्कारण में प्रकाशित की गई है।)

3 comments:

वन्दना said...

behad sarahniya kadam aur ek uttam soch .............kash is ghatna se sab sabak le sakein aur in purane riti riwazon se apne aap ko mukt kar sakein.........sirf kahne se hi nhi acharan mein bhi lana chahiye aur apne pita ki usi soch ko unki betiyon ne poora kiya........ab kaun kah sakta hai ki betiyan kisi se kam hain.........magar sankeern vichardhara aur panditon ki nigahon mein ye dosh rahega magar aaj waqt aa gaya hai ki sabhi isko samjhein.vaise ye vidambna hi hai ki itni badi khabar aur wo bhi hamein blog par aapke madhyam se mil rahi hai kisi bhi pramukh akhbar mein iski koi khabar nhi..........is ghatna ki jagah yadi koi aur baat hoti to use kitni pramukhta mil jati.

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

उत्साहवर्धक समाचार।

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शानदार रही लखनऊ की ब्लॉगर्स मीट
नारी मुक्ति, अंध विश्वा, धर्म और विज्ञान।

सुलभ सतरंगी said...

सही रिपोर्टिंग