वैसे तो हमारा बहुत
सारा समय यात्राओं में निकलता है किन्तु पिछले पाँच-छह महीने से यात्राएँ कुछ ज्यादा
ही हो रही हैं. इससे पहले भी और अभी भी रात की यात्रा में सबसे बड़ी जो समस्या देखने
को मिली वो इंडिकेटर वाली. देखने में आया कि रात के समय अधिकतर वाहन दूसरे वाहन को
पास देने के लिए उसी इंडिकेटर (पीली लाइट) का इस्तेमाल करते हैं, जिसके माध्यम से रास्ता माँगा जाता है. इसके
चक्कर में कई बार संशय की स्थिति उत्पन्न होने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है.
ऐसी स्थिति को लेकर
पिछले दो-तीन साल में मंत्रालय को कई बार पत्र लिखे गए किन्तु इस बारे में कोई सुधार
नहीं हुआ. हमारा सुझाव ये है कि गाड़ियों में एक हरे रंग की लाइट और लगनी चाहिए,
इसका उपयोग उस समय किया जाये जबकि पीछे
से आने वाले वाहन को रास्ता देना हो. पीले रंग के इंडिकेटर का उपयोग रास्ता माँगने
के लिए, मुड़ने के लिए ही किया जाये
तो सही रहेगा.
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