कभी हसरत थी आसमां को छूने की, अब तमन्ना है आसमां के पार जाने की.
अभिन्न मित्र की तरफ़ से एक संदेश……. हमारे स्वभाव के संदर्भ में.
इतने कातिल दोस्त के लिए क्या ही कहें
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