एक
बात कहें, यहाँ सोशल मीडिया पर ज्यादा चपड़-चपड़ न करो. जो सुशांत
सिंह के रिश्तेदार बने घूम रहे, वे भी मुंबई न गए उसके लिए, अब जो कंगना के रिश्तेदार बने ताल ठोंक रहे, वे भी
अपने मोबाइल-लैपटॉप तक की ही औकात रखते हैं, कल निकल जाओ
उसका ऑफिस गिराने के विरोध में मुंबई में धरना देने के लिए. तुम लोग भी निकल जाओ
बे, सुशांत को न्याय दिलाने की हुंकार (पीछे के छेद से भरने
वालो/वालियो भी). सोशल मीडिया की बजाय मुंबई में चिंघाड़ लो.
बाला
साहब के उस बेटे के घर के सामने जरा सा चिल्ला लो, जिसकी
खिल्ली यहाँ उड़ा रहे हो. आगे-पीछे की दस-बीस पुश्तें उठना-बैठना-लेटना भूल जायेंगी,
इतना लाल कर दिया जायेगा पिछवाड़ा. अपनी-अपनी औकात में रहो और उसी
हिसाब से यहाँ नौटंकी फैलाओ. पहले भी कहा है कि जो करना है बाहर हो जाओ हमारी
लिस्ट से फिर खूब हगो-मूतो इनके नाम पर.
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#हिन्दी_ब्लॉगिंग
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