04 जुलाई 2019

ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता क्या और क्यों?


ड्राइविंग लाइसेंस की क्या आवश्यकता है? क्या ड्राइविंग लाइसेंस का होना किसी भी दुर्घटना को रोक लेता है? क्या इसकी गारंटी है कि यदि व्यक्ति के पास लाइसेंस है तो वह एक्सीडेंट नहीं करेगा? हमारा सन्दर्भ महज इससे है कि यदि एक बालिग व्यक्ति किसी दो-पहिया या चार-पहिया वाहन को अथवा उससे बड़े वाहन को चला लेता है तो फिर उसके लिए ड्राइविंग लाइसेंस लेने की बाध्यता क्यों? पहली बात देश में ड्राइविंग लाइसेंस किसी भी स्थिति में व्यक्ति को कुछ सिखाते नहीं. न वाहन चलाना, न ट्रेफिक के नियम, न सड़क के नियम. यदि मान भी लिया जाये कि ड्राइविंग लाइसेंस देने से पहले वो सब कुछ सिखाया जाता है जो एक वाहन चालक के लिए आवश्यक है तब भी सड़क पर सबसे ज्यादा दुर्घटना उन्हीं के द्वारा होती हैं जो ड्राइविंग लाइसेंस धारक हैं. 



यहाँ दो बातें ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन चालन के सन्दर्भ में याद रखनी चाहिए कि ड्राइविंग लाइसेंस की अहमियत यदि सिर्फ व्यक्ति की पहचान तक है तो फिर वर्तमान में बहुत से प्रमाण व्यक्ति की पहचान के हैं. आधार कार्ड इसमें सबसे आगे दिख रहा है. अब आगे बढिए, यदि सड़क पर किसी व्यक्ति द्वारा कोई दुर्घटना की जाती है या फिर उससे हो जाती है तो उससे सम्बंधित कई बिंदु हैं जो व्यक्ति की पहचान सिद्ध करते हैं. एक तो वह वाहन पंजीकृत होगा. उसका नंबर होगा. उसके आधार पर संदर्भित व्यक्ति की पहचान की जा सकती है.

दुर्घटना वाली स्थिति में व्यक्ति तीन तरह से मिल सकता है. घायल, मृत या फिर दुर्घटना स्थल से फरार. यदि व्यक्ति घायल है तो उसकी पहचान के लिए किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं क्योंकि वह स्वयं अपनी पहचान सिद्ध करेगा. यदि व्यक्ति मृत है तो फिर उसके पास से मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान की जाएगी. इसमें आधार कार्ड या कोई अन्य पहचान पत्र काम करेगा. इसके साथ-साथ यदि व्यक्ति फरार है तो फिर सम्बंधित वाहन का पंजीकरण, उसका नंबर सम्बंधित व्यक्ति तक पहुँचा देगा. अब यदि वाहन और व्यक्ति दोनों ही फरार हैं तो फिर ड्राइविंग लाइसेंस क्या चूं-चूं बोलेगा?
विगत कई सालों का व्यक्तिगत अनुभव है कि ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर व्यक्ति का शोषण किया जा रहा है. इस माध्यम से दलाली पनप रही है, रिश्वतखोरी को बढ़ावा मिल रहा है. अनाप-शनाप तरीके से, मनमाफिक ढंग से अधिकारियों, दलालों की मिलीभगत से ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर भ्रष्टाचार चरम पर है. फिर सोचियेगा, ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता क्यों जबकि दुर्घटनाएँ तो लाइसेंस वाले भी कर रहे हैं?

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