11 April 2011

लालू को ड्राइवर बना रखा है


आज अपने शहर के एक बड़े उद्योगपति को अपनी कार स्वयं चलाते देखा तो बहुत पुराना और चलन में भी काफी रहा एक चुटकुला याद आ गया।


चित्र गूगल छवियों से साभार

एक बार एक कार यातयात नियम का उल्लंघन करने के कारण यातायात पुलिस के सिपाही ने रोक लिया। सिपाही ने जब उसके चालक को देखा तो उसकी घिग्घी बंध गई। उसने तुरन्त डर के मारे अपने अफसर को फोन लगाया।

अफसर ने पूछा कि क्या बात है, इतना घबराया हुआ क्यों है?

इस पर उस सिपाही ने जवाब दिया कि सा आप जल्दी से जाओ, यह कोई बहुत बड़ा आदमी है। इसने लालू को अपना चालक बना रखा है।

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आज काम कुछ ज्यादा है और मन भी नहीं कर रहा है कि किसी मुद्दे पर कुछ लिखा जाये। वैसे भी हमने असल मुद्दों पर चर्चा करना बन्द कर दिया है। हम घर में घुसे रहते हैं और दूसरों के किसी भी कदम पर, उसके कार्य पर अपनी टीका-टिप्पणी करना अधिक पसंद करते हैं। शायद काम करने से, कोई कदम उठाने से बहुत आसान यही होता है।

कृपया इस बात को अन्ना हजारे के अनशन से, बाबा रामदेव के बयानों से जोड़कर देखा जाये क्योंकि आजकल कुछ भी लिखा जाये, कुछ भी कहा जाये सभी कुछ अन्ना, बाबा से जोड़कर देख लिया जाता है।


5 comments:

दीपक 'मशाल' said...

ha ha ha..

आकाश सिंह said...

आपके ब्लॉग पे आया, दिल को छु देनेवाली शब्दों का इस्तेमाल कियें हैं आप |
बहुत ही बढ़िया पोस्ट है
बहुत बहुत धन्यवाद|

यहाँ भी आयें|
यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो फालोवर अवश्य बने .साथ ही अपने सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ . हमारा पता है ... www.akashsingh307.blogspot.com

Udan Tashtari said...

:) सही है.

Shah Nawaz said...

:-)

सुशील बाकलीवाल said...

रामनवमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ...