12 June 2008

हिन्दी ब्लॉग-लेखन में कोई स्टार क्यों नहीं है?

हमारे एक मित्र हैं, टी० वी० के पत्रकार हैं, उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि आजकल ब्लॉग लेखन के बढ़ते शौक में हिन्दी लेखन के प्रति "स्टार" क्यों नहीं आ रहे हैं। पहले तो समझ में नहीं आया कि मेरा मित्र का तात्पर्य क्या है? पूछने पर बताया कि जिस तरह अंग्रेजी लेखन (ब्लॉग) में नामी फिल्मी सितारे उतर आए हैं, कई अन्य क्षेत्र के लोग भी अंग्रेजी में ब्लोग्या रहे हैं (आज तो समाचार मिला कि अपने लालू जी भी मैदान में उतर आए हैं पोपकोर्न खाकर) ऐसे लोग हिन्दी में क्यों नहीं आते? एक पल को लगा कि बात तो सही कह रहा है पर क्या कहें, आजकल हिन्दी की बात करना तो ऐसा है जैसे किसी आतंकवादी को घर में शरण दे रखी हो।
मित्र चूँकि टी० वी० की दुनिया से जुड़े हैं इस कारण दिखावे की परम्परा पर ज्यादा विश्वास करते हैं। उनकी चिंता अपनी जगह सही थी पर क्या किसी फिल्मी हस्ती या किसी नेता के हिन्दी में लिखने से ही हिन्दी ब्लॉग संसार समृद्ध मन जाएगा, इस सवाल पर वो जरा चकराए। यही सवाल हिन्दी प्रेमियों को हिम्मत देता है कि क्या हिन्दी इतनी गई-गुजरी है कि उसकी उन्नति के लिए किसी भी ऐरे-गिरे का सहारा लेना पड़ेगा?
अब बात आती है हिन्दी के स्टार की तो ये बात अंग्रेजी में लिखने वाले क्या जाने कि हिन्दी ब्लॉग लेखन में कितने-कितने महारथी हैं जो ब्लॉग को लोकप्रियता दिला रहे हैं। फ़िर यदि बात स्टार की है तो कौन स्टार है कौन नहीं इस बात का फ़ैसला लेने वाले अंग्रेजी ब्लॉग-प्रिय क्यों हैं? क्या किसी हिन्दी ब्लॉग-प्रेमी ने अंग्रेजी ब्लॉग पर नुक्ताचीनी की है? वैसे ये बात अंग्रेजी ब्लॉग-प्रेमी भी जानते हैं कि यदि हिन्दी लेखन वाले अपनी पर आ गए तो किसी का भी पोस्टमार्टम कर सकते हैं।
फिलहाल हर एक वो इन्सान जो इस समय किसी न किसी रूप में हिन्दी के विकास में काम कर रहा है वो स्टार है, क्योंकि अंग्रेजों के भारत छोड़ने के बाद भी उनके अवशेष देशी अंग्रेजों के रूप में हमारे बीच जिंदा रह गए हैं। यही अवशेष खाते इस देश का हैं और बजाते किसी और देश का हैं, इसी कारण से हिन्दी अपने ही देश में उपेक्षित है और इसी बात का फायदा उठा कर देशी अंग्रेज पूछते हैं कि हिन्दी ब्लॉग-लेखन में कोई स्टार क्यों नहीं है?

5 comments:

Udan Tashtari said...

आयेंगे आयेंगे. थोड़ा धीरज रखिये. :)

दिनेशराय द्विवेदी said...

उडनतश्तरी सही बोले।

Sarvesh said...

भाई हिन्दी लिखना इतना असान नही है. अन्ग्रेजी मे तो स्पेल चेक कि सुविधा मिल जाती है. हिन्दी मे थोडा मुस्किल है. ये सुविधा जिस दिन मिल जायेगा जरुर लोग लिखना शुरु कर देगें.
-सर्वेश

DR.ANURAG said...

अच्छा है न आये तो ..वरना यहाँ भी ...फिल्मी वातावरण हो जाएगा..

Raviratlami said...

सर्वेश जी, हिन्दी में वर्तनी जाँच के अब कई विकल्प हैं -

ओपन ऑफ़िस में - विवरण यहाँ पढ़ें
http://raviratlami.blogspot.com/2006/10/blog-post_07.html

एमएसऑफ़िस हिन्दी 2003/2007 में

फ़ॉयरफ़ॉक्स एडऑन के रूप में -
http://raviratlami.blogspot.com/2008/05/blog-post_29.html

हिन्दी राइटर में भी वर्तनी जाँच सुविधा है.