कई बार अचानक से मन में कोई विचार उत्पन्न होता है और उस बारे में आसपास
खोजबीन करने की इच्छा होने लगती है.
इस बारे में बहुत समय से गौर किया जा रहा था कि जो साधु-संन्यासी-संत आदि होते हैं, उनके सिर पर भरपूर बाल दिखाई पड़ते हैं. जिन्होंने स्वतः ही मुंडन करा रखा है, उनकी बात अलग अन्यथा की स्थिति में साधु-संन्यासी-संत आदि को गंजे वाली स्थिति में, कम बालों वाली स्थिति में नहीं ही देखा है. लगा, ऐसा तो नहीं कि हम लोगों ने अपना रहन-सहन, जीवन-शैली आदि इस तरह की कर ली है कि शैम्पू, क्रीम, तेल आदि का आधुनिक रूप, रासायनिक रूप प्रयोग में लाने लगे हैं?
जो भी हो मगर कुछ तो है जो आधुनिक युवाओं को कम समय में ही गंजा किये जा रहा
है और ये बाबा लोग घनघोर बालों के साथ दिख रहे हैं.
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