16 मार्च 2026

पिताजी के बाद का समय

कुछ घटनाएँ कभी भूलती ही नहीं, भुलाई भी नहीं जाती. कोशिश करने पर भी दिल-दिमाग से वे पल नहीं हटते. आपका जाना अनायास हुआ. ज़िन्दगी भर एक मलाल रह गया की कि आपसे न कुछ कह सके, आपसे बात भी नहीं कर सके, आपके लिए जब कुछ करने लायक स्थिति में आये तो कर भी न सके. इन बीस सालों में हर कदम आपके ही कामों को पूरा करने का प्रयास किया, आपकी ही तरह बनने की कोशिश की, सभी को एकसूत्र में बाँधे रखने की कोशिश की. कहाँ तक और कितने सफल हुए, इसका आकलन आप ही करियेगा. 

आज बहुत सी घटनाओं के समय लगता है कि समय ने बहुत कुछ दिया मगर उससे ज्यादा कष्ट दिया है. बावजूद इसके कोशिश यही रहती है कि कहीं से कमजोर न पड़ें. आपकी उपस्थिति को अपने आसपास महसूस करते हुए जीवन में आई दिक्कतों, उलझनों से निपटने, निकलने का रास्ता बनाते रहते हैं. 

आपके श्रीचरणों में सादर नमन.

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