ये फ़ोटो आज चर्चा में है. ये फ़ोटो एडिट लग रही है क्योंकि आज तक के आधिकारिक
पेज पर साहित्य कार्यक्रम में इसका नाम नहीं है. हाँ, ऐसी जानकारी मिली कि ये 2022
के कार्यक्रम में चर्चा में आई थी. साहित्य का कार्यक्रम है और
लोगों की आपत्ति है कि ये कौन सी साहित्यकार है? यहाँ एक बात
सबको समझनी जाननी चाहिए कि सिनेमा अब हिन्दी साहित्य के पाठ्यक्रम का हिस्सा है.
सिनेमा अब विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में पढ़ाया जा रहा
है. हिन्दी साहित्य से जुड़े बहुत से लोग वर्तमान में सिनेमा पर व्याख्यान देते
हैं, किताबें लिखते हैं.
ऐसे में इस प्रतिभा का स्वागत होना चाहिए. आख़िर प्रसिद्ध तो है ही और लोग भी
किसी भी साहित्यकार से ज़्यादा इसे पहचानते होंगे. न हो विश्वास तो आप अपने
मोहल्ले में ही किसी वर्तमान साहित्यकार का नाम लेकर उसका परिचय पूछिए और इसका
परिचय पूछिए. स्थिति स्पष्ट हो जायेगी.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें