==> पहाड़ किसी की व्यक्तिगत सम्पत्ति नहीं होता। क्या इस तरह किसी भी
पहाड़ को खोद कर रास्ता बना देना कानूनी है?
==> आज पहाड़ को तोड़कर रास्ता बना, कल को पार्क, मैदान बनाने लग जाएँ लोग
तो क्या वह कानूनन सही होगा?
==> दशरथ मांझी ने पहाड़ तोड़ा तो उसकी टूटन, पत्थर भी निकला होगा, वो कहाँ गया?
किसने उसका उपयोग किया?
==> यदि बिना लागत के उस पत्धर को उपयोग में लिया गया तो यह राजस्व की हानि
नहीं? क्या एक तरह से
प्राकृतिक सम्पदा की चोरी नहीं?
==> पहाड़ तोड़कर बनाई सड़क को प्रशासन ने या किसी अन्य सरकारी अथॉरिटी ने
पक्का भी किया होगा, डामरीकरण
किया होगा। उसका खर्चा किस विभाग ने उठाया होगा?
==> क्या बिना नक्शे के बनी सड़क को प्रशासनिक स्तर पर बनवाया जा सकता है?
सोचिएगा। हो सकता हम गलत हों, जानकारी अधूरी हो तो आप सहायता करिएगा।
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