28 जुलाई 2023

पहाड़ तोड़कर रास्ता बनाने की कहानी

आये दिन दशरथ मांझी की पहाड़ तोड़कर रास्ता बनाने की कहानी सामने आती है। काम तारीफ करने लायक हो सकता है पर कुछ प्रश्न उठते हैं इसके पीछे से मन में और हर बार अनुत्तरित से रह जाते हैं। आप लोग भी विचार करिए, मन कर जाए तो उत्तर खोजने में मदद करिए।

==> पहाड़ किसी की व्यक्तिगत सम्पत्ति नहीं होता। क्या इस तरह किसी भी पहाड़ को खोद कर रास्ता बना देना कानूनी है?

==> आज पहाड़ को तोड़कर रास्ता बना, कल को पार्क, मैदान बनाने लग जाएँ लोग तो क्या वह कानूनन सही होगा?

==> दशरथ मांझी ने पहाड़ तोड़ा तो उसकी टूटन, पत्थर भी निकला होगा, वो कहाँ गया? किसने उसका उपयोग किया?

==> यदि बिना लागत के उस पत्धर को उपयोग में लिया गया तो यह राजस्व की हानि नहीं? क्या एक तरह से प्राकृतिक सम्पदा की चोरी नहीं?

==> पहाड़ तोड़कर बनाई सड़क को प्रशासन ने या किसी अन्य सरकारी अथॉरिटी ने पक्का भी किया होगा, डामरीकरण किया होगा। उसका खर्चा किस विभाग ने उठाया होगा?

==> क्या बिना नक्शे के बनी सड़क को प्रशासनिक स्तर पर बनवाया जा सकता है?


सोचिएगा। हो सकता हम गलत हों, जानकारी अधूरी हो तो आप सहायता करिएगा।

 

 

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