25 May 2010

काश हमें भी कोई विधायक, सांसद बना दे अथवा बनवा दे




रोज-रोज की बिजली पानी की चकचक देखकर हालत खस्ता हो जाती है। अधिकारियों को फोन करो तो मोबाइल बजता ही रहता है पर कोई उठाता नहीं है। सारे अधिकारियों को आदेश हैं कि सरकारी मोबाइल बन्द किये जायें सो वे बन्द तो नहीं करते हैं पर उठाते भी नहीं हैं।

एक बिजली की समस्या का ही रोना नहीं है आम आदमी से सम्बन्धित जितने भी विषय हो सकते हैं उन सभी में समस्या ही समस्या है। आप ट्रेन ही देख लो, आम आदमी ज्यादा है सफर में तो बस दो या चार डिब्बे। बस को देख लो, हालत ऐसी कि खुद बदहाली ही शरमा जाये। सड़कों को देखो तो लगता है कि धूल में सड़क है, गड़्ढों में सड़क है।

खाने-पीने का सामान देखो तो लगता है कि यदि आमरण अनशन किया जाये तो ज्यादा अच्छा है। खाना भी बचेगा और कुछ कुछ नाम होगा। आये दिन इसी बात में सिर खपाना पड़ता है कि अब फलां दाल बनाओ इसके दाम गिर गये हैं, फलां फल खाओ, इस समय सस्ता है आदि-आदि।

इन समस्याओं से न जूझने वाला भी एक वर्ग है................जी हाँ नेताओं वाला, विधायकों-सांसदों वाला, मंत्रियों वाला।


(चित्र गूगल छवियों से साभार)

अब असली बात, मुद्दे वाली बात इस पोस्ट की कि काश हमें भी कोई विधायक, सांसद बना दे अथवा बनवा दे।

(यहाँ तो लड़ाई मुख्यमंत्री बनवाने-बनाने को लेकर मची हुई है, हमें एक जरा सा विधायक या सांसद नहीं बनवाया जा सकता है।)


11 comments:

शिवम् मिश्रा said...

हमारा एक वोट आपका ........................ आप हमे दे देना अपना वोट !!! अब हम भी आम जनता बन कर नहीं जी सकते और आज के इस दौर में !!

दीपक 'मशाल' said...

वैसे मजाक से हट के बात करें तो आजकल राजनीति में आप जैसे लोगों की जरूरत है चाचा जी..

Udan Tashtari said...

बन जाओ तो याद रखना...हम टिप्पणी किया करते थे. :)

boletobindas said...

अरे साहब मोबाइन बंद न करने का आदेश है.....उठाने का आदेश नहीं है। सरकारी आदमी है कानून से बंधा हुआ। इतना ही काम करेगा न जितना आदेश होगा। आप भी पता नहीं काहे कू परेशान होते हैं।

हां सांसद बनना हो तो बताइगा 20-22 करोड़ लगेगा....हां गारंटी है कि नहीं ई ए तो असी रुपये मिलन दे बाद ही बतावांगे हीहीहीहहीहीहीहीहहीहीहीहीहीहीहीहीहीही

Udan Tashtari said...

बोले तो बिंदास भाई

राज्य सभा का क्या भाव है?? कहो तो मैं ट्राई करुँ उसके लिए. :) काम पक्का मांगता है भाई!!

सूर्यकान्त गुप्ता said...

हाँ भाई सान्सद या विधायक बनने से समस्या तो हल हो ही जायेगी। और मानवीय प्रव्रित्ति के अनुसार सोच भी बदल जायेगी। आपके लिये मतदात सूची मे एक नाम और जुड़ सकता है और वोट भी…………।

शैफालिका - ओस की बूँद said...

ham bhi apna vot abhi se de dete hain

शैफालिका - ओस की बूँद said...

ham bhi apna vot abhi se de dete hain

शैफालिका - ओस की बूँद said...

ham bhi apna vot abhi se de dete hain

Vivek Rastogi said...

भगवान आपकी सुने और जनता आपकी मनोकामना पूरी करे। तो जनता का भी भला होगा बस हमें याद रखियेगा।

Kumar Jaljala said...

ैक्या आप जानते है.
कौन सा ऐसा ब्लागर है जो इन दिनों हर ब्लाग पर जाकर बिन मांगी सलाह बांटने का काम कर रहा है।
नहीं जानते न... चलिए मैं थोड़ा क्लू देता हूं. यह ब्लागर हार्लिक्स पीकर होनस्टी तरीके से ही प्रोजक्ट बनाऊंगा बोलता है। हमें यह करना चाहिए.. हमें यह नहीं करना चाहिए.. हम समाज को आगे कैसे ले जाएं.. आप लोगों का प्रयास सार्थक है.. आपकी सोच सकारात्मक है.. क्या आपको नहीं लगता है कि आप लोग ब्लागिंग करने नहीं बल्कि प्रवचन सुनने के लिए ही इस दुनिया में आएं है. ज्यादा नहीं लिखूंगा.. नहीं तो आप लोग बोलोगे कि जलजला पानी का बुलबुला है. पिलपिला है. लाल टी शर्ट है.. काली कार है.. जलजला सामने आओ.. हम लोग शरीफ लोग है जो लोग बगैर नाम के हमसे बात करते हैं हम उनका जवाब नहीं देते. अरे जलजला तो सामने आ ही जाएगा पहले आप लोग अपने भीतर बैठे हुए जलजले से तो मुक्ति पा लो भाइयों....
बुरा मानकर पोस्ट मत लिखने लग जाना. क्या है कि आजकल हर दूसरी पोस्ट में जलजला का जिक्र जरूर रहता है. जरा सोचिए आप लोगों ने जलजला पर कितना वक्त जाया किया है.