20 June 2010

मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नहीं है खेल प्रिये --- पहली पॉडकास्टिंग पोस्ट -- हास्य कविता

हमारे मित्र डॉ0 वीरेन्द्र सिंह यादव ने एक काव्य सम्मलेन की रिकोर्डिंग सुनवाई। उसमें प्रस्तुत एक हास्य कविता हमें बहुत पसंद आई। इसे आप लोगों को भी सुनवाने का मन किया। इस चक्कर में अपनी पहली PODCASTING POST आपके सामने ला सके। (इस के लिए बहुत खोज बीन करनी पड़ी)

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हास्य कविता की शुरूआती पंक्तियाँ हैं....
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मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नहीं है खेल प्रिये
तुम एम् फर्स्ट डिवीजन हो, मैं हुआ मैट्रिक फेल प्रिये
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आशा है आपको हमारी पहली पॉडकास्टिंग पोस्ट पसंद आएगी....हास्य कविता भी पसंद आएगी...






पॉडकास्ट मामले में एकदम ही नौसिखिया होने के कारण कल कुछ गलती हो गई थी, उस पोस्ट को हटा दिया थावही पोस्ट फिरसे....
गलती और असुविधा के लिए क्षमा करियेगा

1 comment:

सर्प संसार said...

शानदार प्रस्तुति, बधाई।
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क्या आप बता सकते हैं कि इंसान और साँप में कौन ज़्यादा ज़हरीला होता है?
अगर हाँ, तो फिर चले आइए रहस्य और रोमाँच से भरी एक नवीन दुनिया में आपका स्वागत है।