03 June 2010

पहली और अंतिम चेतावनी --- ब्लॉग पर बनने वालीं एसोसिएशन का पंजीकरण करवाएं




ये बहुत हो गया ड्रामा, अब ये सब नहीं चलेगा। हाँ जी, सही कह रहे हैं, जिसे देखो वो ब्लॉग के नाम पर तमाम तरह की एसोसिएशन बनाने निकल पड़ा है। अब ऐसा ज्यादा नहीं चलेगा। कोई वरिष्ठ के नाम पर तो कोई जूनियर के नाम पर, किसी ने किड्स एसोसिएशन बनाई है तो अभी-अभी हमारे जासूसों ने खबर दी कि ब्लॉगरों के कुत्तों ने भी एसोसिएशन बना ली है।


चित्र गूगल छवियों से साभार

इस तरह की अवैध गतिविधियाँ समाज के लिए घातक हैं। कल को महिला एसोसिएशन बनेगी, वृद्ध एसोसिएशन बनेगी, टिप्पणीकर्ताओं की बनेगी तो गैर-टिप्पणीकर्ताओं की भी बन सकती है। लगाम न लगी तो अपने-अपने क्षेत्र के हिसाब से तो बनेगी ही, अपने समय और नाम के अनुसार भी एसोसिएशन बनने लगेगी। इसे तो रोकना ही होगा।

इधर सोचा उधर दिमाग ने काम करना शुरू कर दिया। अब जब सभी एसोसिएशन बना रहे हैं तो हमें कुछ अलग तो करना ही होगा। क्या करें, बस यही समझ नहीं आया। अचानक दिमाग की घंटी बजी (बिना कुछ खाये) कि जैसे समाज में कोई सोसायटी, संस्था, एसोसिएशन आदि बनाकर काम करना होता है तो उसका बाकायदे पंजीकरण करवाना होता है, पंजीकरण कार्यालय से।

कोई आठ-दस लोगों की समिति, एक नियमावली, संस्था, एसोसिएशन का उद्देश्य आदि के साथ कार्यालय की तमाम पत्रावलियाँ, दस्तावेज जमा करने होते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर से एक प्रमाण-पत्र मिल जाता है और एसोसिएशन का, संस्था का काम शुरू।

ब्लॉग पर एसोसिएशन बनाने वालों को पहली और अंतिम चेतावनी कि जल्द से जल्द अपनी एसोसिएशन का पंजीकरण ब्लागिया एसोसिएशन पंजीकरण कार्यालय में करवा लें अन्यथा सभी एसोसिएशन की मान्यता रद्द कर दी जायेगी। इस सम्बन्ध में किसी प्रकार की अदालती कार्यवाही भी मान्य नहीं होगी। इस चेतावनी न मानने वाले के ऊपर टिप्पणी करने और दूसरों की टिप्पणियों को पढ़कर सुनाने का दण्ड लगाया जायेगा। (वैसे हमें मालूम है कि ब्लागर किसी दण्ड से नहीं डरता है।)

समाज के चलन के मुताबिक इस पंजीकरण कार्यालय के आजीवन रजिस्ट्रार हम अर्थात कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ही रहेंगे। एसोसिएशन बनाकर हंगामा काटने वाले और आगे इस तरह का विचार करने वाले अपनी नियमावली, उद्देश्य और समिति के सदस्यों के नाम, हस्ताक्षर सहित तथा पंजीकरण की फीस (जो एसोसिएशन की क्षमता लायक हो) जमा कर दे। इस हेतु अंतिम समय सीमा दिनांक 06 जून 2010 की मध्य रात्रि 11 बजकर 59 मिनट 59 सेकेण्ड तक है। इसके बाद अगली सूचना तक कोई भी पंजीकरण मान्य नहीं होगा क्योंकि रजिस्ट्रारसाहब ब्लॉग पर होने वाले दंगल की व्यवस्थाओं में लग जायेंगे।

जल्दी करो वरना......................(वरना कुछ भी नहीं.......वरना देर ही सही!!!!!)


22 comments:

डॉ महेश सिन्हा said...

अब ब्लाग जगत हिंदुस्तानी न्याय व्यवस्था का सहचर होगा

Anonymous said...

e bhaiya kahe patar-patar kar rahe ho? kachhu kamdham nahin hai ka????
lage hain bak-bak karne...

Anonymous said...

e bhaiya kahe patar-patar kar rahe ho? kachhu kamdham nahin hai ka????
lage hain bak-bak karne...

दीपक 'मशाल' said...

मैं भी आता हूँ एक नाम सोचकर कोई... :)

दीपक 'मशाल' said...

@anonymous
बेटा बेनामीदास पहले अपना नामकरण करा के आओ.. वर्ना बुन्देलखंडीयों की पनहियाँ पड़ेंगीं तो और कुछ याद भी नहीं रहेगा..

दीपक 'मशाल' said...
This comment has been removed by the author.
Anonymous said...

panhaiyan itni pakki nahin ki hamaara sir tod den.....
abhi registration karwao...
waise ham ladne ke mood me nahin hain... ye to sabhi kar rahe hain.

Anonymous said...

panhaiyan itni pakki nahin ki hamaara sir tod den.....
abhi registration karwao...
waise ham ladne ke mood me nahin hain... ye to sabhi kar rahe hain.

शिवम् मिश्रा said...

सर कोई नौकरी खाली हो ब्लागिया एसोसिएशन पंजीकरण कार्यालय में तो मैं हूँ ना.........................नहीं मेरा मतलब है कि मैं किसी भी एसोसिएशन में नहीं हूँ तो क्यों ना मैं यहाँ आ जाऊ आपका सहयोगी बन कर !

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

कुछ रजिस्टर्ड कर दीजिये, पुरबिया यूनियन, पश्चिमी यूनियन, उत्तरी, दक्खनी, अल्पसंख्यक, बहुसंख्यक, ब्राहम्ण, कायस्थ, पिछड़ी, अगड़ी, दलित, अग्रवाल, पंजाबी, मिडिल एज्ड, वयोवृद्ध वगैरा...

ललित शर्मा said...

नर,किन्नर,गंधर्व,वानर-सब रजिस्टर्ड कर दिजिए।
(स्मार्ट इंडियन जी की सूची में जोड़ा है)

जय बुंदेलखंद
जय छत्तीसगढ

आचार्य जी said...

आईये जाने ..... मन ही मंदिर है !

आचार्य जी

Rajendra Swarnkar said...

आइए , आ जाइए , आ भी जाइए …
समय सीमा अभी शेष है

वाह मज़ेदार !

- राजेन्द्र स्वर्णकार
शस्वरं

राजीव तनेजा said...

सही खिंचाई की है आपने

Anonymous said...

ठीक कहा जी

अन्तर सोहिल said...

अभी दो दिन और 12 घंटे बाकी हैं, करवा लेंगें:-)

प्रणाम

vedvyathit said...

bhai aadhi rat ka smy to thik nhi hai angreji dasta smapt ho chuki hai
ab to suprbhat aur sury ast jan lo
ved vyathit

अक्षय कटोच *** AKSHAY KATOCH said...

tum bhi dhamaka kiye rahte ho.....aadat nahin chhodoge??

Anonymous said...

फीस देने की औकात होती तो मुफ्त ब्लोगिंग करते? आप भी सेंगर जी क्या खूब कहते हो?

Udan Tashtari said...

हमें बड़े बाबू रख लो!! :)

Kumar Jaljala said...

फिल्म- देशप्रेमी
गीत-महाकवि आनन्द बख्शी
संगीत- लक्ष्मीकांत- प्यारेलाल
नफरत की लाठी तोड़ो
लालच का खंजर फेंको
जिद के पीछे मत दौड़ो
तुम देश के पंछी हो देश प्रेमियों
आपस में प्रेम करो देश प्रेमियों
देखो ये धरती.... हम सबकी माता है
सोचो, आपस में क्या अपना नाता है
हम आपस में लड़ बैठे तो देश को कौन संभालेगा
कोई बाहर वाला अपने घर से हमें निकालेगा
दीवानों होश करो..... मेरे देश प्रेमियों आपस में प्रेम करो

मीठे पानी में ये जहर न तुम घोलो
जब भी बोलो, ये सोचके तुम बोलो
भर जाता है गहरा घाव, जो बनता है गोली से
पर वो घाव नहीं भरता, जो बना हो कड़वी बोली से
दो मीठे बोल कहो, मेरे देशप्रेमियों....

तोड़ो दीवारें ये चार दिशाओं की
रोको मत राहें, इन मस्त हवाओं की
पूरब-पश्चिम- उत्तर- दक्षिण का क्या मतलब है
इस माटी से पूछो, क्या भाषा क्या इसका मजहब है
फिर मुझसे बात करो
ब्लागप्रेमियों... आपस में प्रेम करो

AlbelaKhatri.com said...

panjikaran karne ka zimma
sh.benaamiji ko de do..