16 May 2010

सहवाग की माँ की गलत शिकायत --- लड़कियां ऐसा नहीं कर सकतीं हैं...




समाचारों के द्वारा पता चला कि सहवाग की माँ ने बोर्ड से कहा है कि लड़कियों को खिलाड़ियों से दूर रखा जाये। ध्यान दीजिए लड़कियों को दूर रखा जाये... अर्थात लड़कियाँ खिलाड़ियों के पास आतीं हैं।

यह बिलकुल गलत बयानबाजी है सहवाग की माँ की। यह लड़कियों को बदनाम करने की साजिश है। भला लड़कियाँ ऐसी होती हैं? अरे! पीछे घूमने का, किसी के पास आने का, लार टपकाते घूमने का काम तो लड़कों का है, पुरुषों का है। लड़कियाँ तो बेचारी सीधी-साधी होतीं हैं, महिलायें तो स्वयं बचती घूमती हैं, वे क्या क्रिकेट खिलाड़ियों के पास जायेंगीं।

सभी को मिलकर इस तरह की शिकायत का विरोध करना चाहिए। यह तो सरासर अन्याय है बेचारी लड़कियों पर जो किसी क्रिकेटर को देखकर, किसी फिल्मी सितारे को देखकर, किसी पुरुष डांसर या सिंगर को देखकर चीखतीं चिल्लाती नहीं हैं पर उन्हें बदनाम कर दिया जाता है।

(चित्र साभार गूगल छवियों से)

कुछ ऐसी ही बदनामी सहवाग की माँ कर रही हैं इन लड़कियों की, महिलाओं की। क्यों सहवाग कहीं तुमने तो अपनी माँ के ऊपर दवाब तो नहीं बनाया कि तुम लोगों की कारस्तानी को माँ लड़कियों के ऊपर थोपकर तुम लोगों को बचा ले? तुम कर भी सकते हो ऐसा क्योंकि तुम सहवाग बाद में हो, किसी माँ के बेटे बाद में हो और पुरुष पहले हो।

पुरुष कुछ भी कर सकता है, किसी भी महिला से कुछ भी करवा सकता है। हो सकता है कि तुम्हीं लोग लड़कियों को अपनी ओर आकर्षित करते रहते हो और खेल पर ध्यान नहीं देते हो। अब नाकाम होने पर अपनी माँ पर, जो पहले माँ नहीं एक स्त्री है, उस पर दवाब बनाकर उनके द्वारा लड़कियों को, महिलाओं को बदनाम करवा रहे हो।

कोई कुछ भी कहे, हम नहीं मानने को तैयार हैं कि तुमने ऐसा नहीं करवाया होगा। तुमने जरूर-जरूर ऐसा करवाया होगा क्योंकि तुम एक पुरुष हो और तुम्हारी माँ एक महिला। समाज में अभी तक स्त्री-पुरुष का यही भेदभाव वाला समीकरण बना हुआ है तो तुम उससे कैसे बच सकते हो। पुरुष होकर तुमने जरूर अपनी माँ पर जोर जबरदस्ती से ऐसी शिकायत करवाई।

सहवाग हम तुम्हारे इस महिला विरोधी, लड़की विरोधी कदम का विरोध करते हैं। यदि तुमने कल सुबह तक माफी नहीं माँगी तो शाम तक तुम्हारा पुतला फूँक कर हम महिलाओं के पक्ष में अपनी बात रखेंगे। ये लड़कियों की इज्जत का सवाल है। कोई लड़की भला कहीं ऐसा कर भी सकती है?



3 comments:

देवेश प्रताप said...

लड़कियों पर आरोप लगाना ....पूर्णतः गलत है .

रचना said...

cricket kaa tamasha ho rhaa haen aur baat ladkiyon ki ho rahee haen waah

डॉ महेश सिन्हा said...

यह कड़ुवा सच है और बहुत पुराना
लेकिन ये लड़कियाँ आम लड़कियाँ नहीं हैं