पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर अनावश्यक शोर मचाने वालो, क्या तुमको याद है कि इससे पहले पेट्रोल-डीजल
की कीमतें कब बढ़ाई गई थीं? नहीं
पता होगा, क्योंकि तुम लोगों को
शोर मचाने से मतलब है न कि कुछ तथ्यात्मक खोजबीन करने से.
6 अप्रैल 2022 को पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि हुई थी. रूस-यूक्रेन युद्ध
के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की वजह से मार्च-अप्रैल 2022 में
लगातार दाम बढ़ाए गए थे और 6 अप्रैल 2022 को इस वृद्धि का आखिरी दिन था. इसके बाद दैनिक
कीमतों में बदलाव पर लंबी रोक लग गई थी.
मई 2022 में केन्द्र सरकार ने उत्पाद शुल्क को कम किया जिससे पेट्रोल आठ रुपये
और डीजल छह रुपये प्रति लीटर सस्ता हुआ. (वैसे ये याद नहीं होगा चिल्ला-चोट मचाने वालों
को.) मार्च
2024 में लोकसभा चुनाव से पहले केन्द्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों में दो रुपये
प्रति लीटर की कटौती की थी. (ये याद है? नहीं न!) इसके बाद अब मई 2026 में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि हुई है. पिछले
चार सालों में स्थिर कीमतों में तुम लोगों ने जरा भी साँस न ली. कुछ दिन अपनी साँस
को उसी तरह स्थिर किये रहो, वैश्विक
संकट दूर होते ही तुम लोग फिर से साँस लेने लगना.

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