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16 मई 2025

अनावश्यक तुलनात्मक विवेचन

ऐसा माना जा सकता है कि सभी को ये बात मालूम होगी कि तुलनात्मक अध्ययन उन्हीं दो वस्तुओं, व्यक्तियों, स्थितियों के मध्य किया जा सकता है, जहाँ उनके चर एकसमान सम्भावना रखते हों.


सीजफायर के बाद कांग्रेसी आईटी सेल से एकदम इंदिरा गांधी बाहर निकल आईं और अनचाहे ही समाज में एक तुलनात्मक विवेचन किया जाने लगा. तुलना होनी भी चाहिए, आलोचना होनी भी चाहिए मगर पूर्वाग्रह से रहित. इंदिरा गांधी के सन्दर्भ में तत्कालीन स्थितियों को ध्यान रखने के साथ-साथ वर्तमान स्थितियों को भी ध्यान रखना आवश्यक है. प्रत्येक कालखंड के, समय के अपने-अपने सत्य होते हैं जिसे उसी समय के अनुरूप समझा जा सकता है.


फिलहाल देश का एक जवान पाकिस्तानी कैद से रिहा होकर वापस आ चुका है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ऐसा विगत वर्षों में, आयरन सत्ता में, मौनी-रिमोट सरकार में ऐसा क्यों नहीं हो सका? आयरन की मात्रा और वजन बताने वाले भी इस पर विचार करेंगे तो और ज्यादा सटीक निष्कर्ष मिल सकते हैं.

 

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