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05 मई 2025

शासनादेश के नाम पर तुगलकी फरमान

लाल बुझक्कड़ का नाम तो सुना होगा? ऐसे ही एक नाम और सुना होगा चतुर सुजान? इन दोनों नामों के साथ अनगिनत किस्से जुड़े हुए हैं, बेवकूफी भरे.

 

ऐसे ही एक महाशय हैं, इन दोनों नामों का संयुक्त उपक्रम/उद्यम (वैसे संयुक्त ऊधम भी कहा जा सकता है). वैश्विक स्तर की अचूक बेइज्जती सहने वाले इन चतुर सुजान-लाल बुझक्कड़ को आये दिन भसड़ करने की आदत है. इस भसड़ में इसे आये दिन 'मौखिक आदेश' भी मिल जाता है.

 

आजकल एक ऐसी ही भसड़ फैला रखी है. चित्र में दर्शाया गया पत्र सात पेज का है. यह पत्र दिनांक 10 फरवरी 2025 को उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव की ओर से उत्तर प्रदेश शासन के समस्त अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव को लिखा गया है. प्रतिलिपि जिन दस लोगों को की गई है, उसमें कहीं भी निदेशालय का जिक्र नहीं है.

 

बहरहाल, लाल बुझक्कड़-चतुर सुजान की मिक्स ब्रीड (वर्णसंकर प्रजाति) खेलने में लगी है.

 



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