20 मार्च 2013

गौरैया से गुलज़ार आज भी हमारा आँगन



अभी-अभी हमारे एक मित्र का फोन आया कि आज गौरैया दिवस है. एक-दो फोटो-वोटो चिपका दो. हमने कहा कि पहले मरवा डाली अब उनकी तस्वीर चिपकाते फिरो.

सब लोग चाहे कितना भी खाली-खाली महसूस करते हों गौरैया के लिए पर हम इस मामले में घनघोर धनी हैं. हमारे घर पर पर्याप्त संख्या में ये उपस्थित हैं..कई ने तो घोंसले बनाकर अपना स्थायी बसेरा सा कर लिया है.

इन्हीं में से दो-चार की फोटो.......हमारे घर के ठीक सामने की....



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