17 October 2010

मिटें वैसे ही अंधियारे.....


रावण आज मिटा जैसे,
मिटें वैसे ही अंधियारे,
जगमग दीपों की ज्योति,
हो रोशन जीवन में आपके


चित्र गूगल छवियों से साभार

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विजयादशमी की आप सभी को शुभकामनायें

2 comments:

Udan Tashtari said...

विजयादशमी की आपको भी शुभकामनायें

Dr.Aditya Kumar said...

सुंदर कविता ,सुंदर चित्र .. शुभ विजयादशमी