26 May 2010

यदि बाघ बचाने से फुर्सत मिल गई हो तो अब बचपन बचाने के लिए कुछ करिये


बाल श्रम की एक तस्वीर...............
ऐसे बहुत से उदाहरण हमारे आसपास दीखते हैं और हम कहते हैं कि हम बच्चों को संरक्षण देते हैं।



ये बच्चा अभी महज दस वर्ष का है.......इसका बड़ा भाई भी काम करता है और बड़ी बहिन भी काम करती है....माँ भी काम करती है.....पिता है नहीं....


यदि बाघ बचाने से फुर्सत मिल गई हो तो अब बचपन बचाने के लिए कुछ करिए

6 comments:

Udan Tashtari said...

देश में यही तस्वीर हर तरफ है.

M VERMA said...

यह तो आम बात है
बचपन बचाओ' की सभा में भी ऐसे दृश्य देखे जा सकते हैं
जायज चिंता

Akhtar Khan Akela said...

doktr saaahb aapne desh or desh ke qaanoon ko aek chote se fotu ko prkaashit kr jhkjhor diyaa bdhaai ho meraa blog bhi dekh kr anugrhit kren akhtarkhanakela.blogspot.com

दिलीप said...

bachcha kisaan jawaan insaan...jaane kya kya bachana hai.sher se pehle...

शिवम् मिश्रा said...

सार्थक विचार !! पर इस मुद्दे पर कितनो का ध्यान जाता है ??

दीपक 'मशाल' said...

:( बहुत दुखद