10 January 2010

विश्व का प्रत्येक व्यक्ति हिन्दी का उच्चारण करता है !!!

यह शायद आप सभी को अचम्भित करे किन्तु हमारी दृष्टि में विश्व का प्रत्येक व्यक्ति हिन्दी वर्णमाला के वर्णों का प्रयोग करता है। हुआ आश्चर्य!!!

आप स्वयं इसको जाँच लीजिए। चूँकि हमारे पास अन्य भाषाओं के शब्दों का अभाव है (लिखने के लिए) परन्तु हमने अपने इस विचार को पुष्ट करने के लिए टी0वी0 के विदेशी चैनलों को, इंटरनेट पर भी अन्य दूसरे देशों के कार्यक्रमों को देखा।

उनकी भाषा, शब्द, वाक्य समझ से परे थे किन्तु उनके द्वारा बोले जाने वाले शब्द हमारी हिन्दी से ही बने होते हैं। यहाँ ध्यान दीजिएगा कि वे उसे किसी भी भाषा लिपि में लिखें किन्तु जब उसे बोला जायेगा तो उसमें से उच्चारण हिन्दी वर्णमाला से ही होगा।


एक छोटा सा उदाहरण अंग्रेजी भाषा से है, देखिएगा और इसी आधार पर अन्य भाषाओं के शब्दों का उच्चारण करिए और सुनिएगा।

अंग्रेजी में नाम को कहते हैं NAME, इसका उच्चारण होता है ‘नेम’ यानि कि हमारी हिन्दी वर्णमाला का ‘न’ और ‘म’ प्रयोग किया गया।

इसी तरह अंग्रेजी में पिता (FATHER) को कहते हैं ‘फादर’ और माता (MOTHER) को ‘मदर’ यहाँ भी देखिए-फ, द, र, म, द, र सभी हिन्दी वर्णमाला के ही हैं या नहीं?

उदाहरण के लिए और दूसरे शब्द भी लिए जा सकते हैं। यहाँ हमने भारतीय भाषाओं को आधार इस कारण नहीं बनाया क्योंकि कुतर्क करने वाले कहते कि एक देश की सभी भाषाओं का उच्चारण एक जैसा ही होता है।

दूसरी भाषाओं के शब्दों में हिन्दी वर्णमाला के वर्ण बखूबी देखने के लिए कृपया दूसरे देशों के कार्यक्रमों को भी सुनिएगा। समझ में भले कुछ न आये किन्तु हिन्दी वर्णमाला तो समझ में ही आयेगी।



8 comments:

Dr. V.N. Tripathi, Advocate said...

Good! I agree. In my opinion, routs of all languages can be found in Vedas.

Dr. V.N. Tripathi, Advocate said...

In my opinion, routs of all human languages and even voices other species can be found in Vedas.

रावेंद्रकुमार रवि said...

"यह तो कोई बात नहीं हुई, जी!""विश्व का प्रत्येक व्यक्ति विश्व की प्रत्येक भाषा के वर्णों का उच्चारण करता है!"
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ओंठों पर मधु-मुस्कान खिलाती, रंग-रँगीली शुभकामनाएँ!
नए वर्ष की नई सुबह में, महके हृदय तुम्हारा!
संयुक्ताक्षर "श्रृ" सही है या "शृ", उर्दू कौन सी भाषा का शब्द है?
संपादक : "सरस पायस"

Udan Tashtari said...

क्या कहें....

संगीता पुरी said...

हिन्‍दी अक्षर तो उच्‍चारण के हिसाब से ही बने हैं .. आप किसी भी भाषा में बोलें .. उच्‍चारण तो करेंगे ही .. इस कारण हिन्‍दी का महत्‍व तो है ही !!

अक्षय कटोच *** AKSHAY KATOCH said...

wah ji wah kya baat kahi hai!!!!!

अक्षय कटोच *** AKSHAY KATOCH said...

wah ji wah kya baat kahi hai!!!!!

Devendra said...

इसीलिए हमारी हिंदी महान है........ सही कहा आपने, अब कुछ दिन हिंदी भाषा पर ही लिखिए आप