05 December 2009

मंहगाई के कारण बदला मुहावरा - माईक्रो पोस्ट

मंहगी होती दाल और सस्ते होते चिकन के कारण बहु-प्रचलितए लोकप्रिय मुहावरे ‘‘घर की मुर्गी दाल बराबर’’ को बदलने का मन करता है। अब यह मुहावरा इस प्रकार होना चाहिए---

‘‘घर की दाल मुर्गी बराबर’’

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कहिए सही है न!!!!
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चित्र गूगल से साभार

4 comments:

संगीता पुरी said...

बिल्‍कुल सही है !!

वाणी गीत said...

सही है ...!!

Udan Tashtari said...

सटीक है!!

शरद कोकास said...

हमने एक नारा बनाया है
सस्ता चिकन महंगी दाल
महंगाई ने खींची खाल ।