05 September 2009

शिक्षक दिवस पर डॉo आदित्य का सम्मान


आज शिक्षक दिवस पर शहर की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था पहचान तथा एक विद्यालय एल डोरेडो पब्लिक स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन में नगर के सबसे प्रतिष्ठित एवं पुराने महाविद्यालय दयानन्द वैदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डाo आदित्य कुमार जी का सम्मान किया गया।
डाo आदित्य जी के बारे में विशेष बात यह रही कि वे इस महाविद्यालय के छात्र भी रहे और शिक्षक दिवस से ठीक एक दिन पूर्व यानि कि 04 सितम्बर को राजनीति विज्ञान विभाग में प्रवक्ता पद का कार्यभार ग्रहण किया था। कल उनको महाविद्यालय तथा विभाग को अपनी सेवाएँ देते हुए पूरे 35 वर्ष भी हो चुके हैं।
इस दौरान डाo आदित्य जी ने विभिन्न साहित्यिक, सांस्कृतिक, रंगमंचीय, समाजसेवी संस्थाओं के साथ काम भी किया। वर्तमान में वे नई दिल्ली की एक संस्था विकासशील समाज अध्ययन केन्द्र (सीएसडीएस) के उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के प्रभारी हैं।
वैसे यदि डाo आदित्य जी के बारे में बताने बैठें तो सम्भव है कि ये पोस्ट कभी समाप्त ही न हो और हो सकता है कि हम बस लिखते ही रहें। ऐसे लिखने का भी क्या फायदा जो आप लोगों तक भी न पहुँचे। आप उनके व्यक्तित्व की सरलता का आकलन ऐसे भी कर सकते हैं कि आज तक कहीं भी, किसी से भी उन्होंने अपने कार्यों, अपनी सफलताओं का बखान नहीं किया। अनेक पुस्तकों, पत्रिकाओं का सम्पादन कर चुके डाo आदित्य जी आप लोगों के लिए भी अब अनजान नहीं हैं। वर्तमान में एक ब्लाग के माध्यम से आप सबके बीच हैं और अपने विचारों को आप तक पहुँचा भी रहे हैं।
शीघ्र ही शब्दकार और पहला एहसास भी उनके विचारों से लाभान्वित होगा। उनके द्वारा एक अन्य ब्लाग प्रस्तावित है जिसके माध्यम से वे जनपद जालौन के दिवंगत और जीवित रचनाकारों की श्रेष्ठ रचनाओं को आपके सामने प्रस्तुत करेंगे।
चलिए आदित्य जी चूँकि हमारे पितातुल्य हैं, अभिभावक हैं तो हम तो उनके बारे में बताते ही रहेंगे। आप लोग आज के कार्यक्रम का संक्षिप्त में मजा लीजिए फोटो के द्वारा और उनके विचारों को जाने उनके ब्लाग के द्वारा।
माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पपण एवं दीप प्रज्ज्वलन करते अतिथिजन
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डाo आदित्य जी का सम्मान करते पूर्व प्राचार्य, दयानन्द वैदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उरई डाo रामस्वरूप खरे तथा तपस्या के प्रसून खण्डकाव्य लिखने वाले वरिष्ठ साहित्यकार श्री यज्ञदत्त त्रिपाठी

बाएँ डॉo रामस्वरूप खरे तथा दायें श्री यज्ञदत्त त्रिपाठी
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शिक्षक दिवस पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत करते तथा आयोजकों को धन्यवाद देते डाo आदित्य कुमार
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डाo आदित्य जी के बारे में प्रकाश डालते डाo वीरेन्द्र सिंह यादव, प्रवक्ता हिन्दी विभाग दयानन्द वैदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उरई
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डाo आदित्य जी के बारे में प्रकाश डालते प्रतिष्ठित लोक कला विशेषज्ञ श्री अयोध्या प्रसाद गुप्त कुमुद
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समारोह में उपस्थित श्रोतागण
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कार्यक्रम का संचालन करते प्रतिष्ठित कवि श्री विनोद गौतम
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6 comments:

Vidhu said...

डॉ आदित्य जी को प्रणाम और इस सम्मान हेतु हार्दिक बधाई

Devendra said...

AADITYA UNCLE KO HAMAARI TARAF SE BHI SHUBHKAMNAYEN DE DIJIYEGA.

lakhan lal pal said...

hamari taraf se bhi badhai de dijiyega bhaisahab.

Mithilesh dubey said...

आदित्य जी को बहुत-बहुत बधाई।

AlbelaKhatri.com said...

बधाई !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

अच्छी कवरेज लगाई है।
डाo आदित्य कुमार को बहुत-बहुत बधाई।