06 May 2009

सलाह दे क्या करें? - (एकाउंट तो फ़िर शुरू हुआ मगर डर भी लगता है)

पिछले दो दिन और आजका दिन कुल मिला कर तीन दिनों में तीन प्रकार की मानसिक स्थितियों से गुजरना पड़ा। ये स्थितियाँ ब्लाग से सम्बन्धित रहीं। परसों यानि कि 04 मई को अपने ब्लाग के एक वर्ष पूरा होने की खुशी आप सब लोगों के बीच बाँटी थी, मन में एक अजब अनुभूति सी हो रही थी।

कल यानि कि 05 मई को जब अपने एकाउंट को साइन इन करना चाहा तो पता चला कि एकाउंट डिसएबल्ड कर दिया गया है। हम तो हैरान रह गये कि ये हो क्या गया? पूरे दिन बड़ी ही ऊहापोह में बीता। समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो गया? गूगल द्वारा आई मेल से और आशीष जी द्वारा भेजे गये सहायता संदेश से (गूगल की मेल आशीष जी की मेल के बाद आई, आशीषजी ने गूगल की मेल के बारे में पूछा भी था। जब उसके बाद मेल आई तो लगा कि कहीं गूगल के संचालन में आशीष जी का भी तो हाथ नहीं है।)

सम्बन्धित लिंक द्वारा अपनी आपत्ति दर्ज करवा देने के बाद आज यानि कि 06 मई को हमारा एकाउंट पुनः शुरू कर दिया गया है। हालांकि कल ई-मेल के द्वारा अपनी पोस्ट को तो पब्लिश करवा दिया था पर लग रहा था कि यदि हमारा एकाउंट दोबारा बहाल न हुआ तो शेष ब्लाग का क्या होगा?
अब आज एकाउंट जब दोबारा शुरू हो गया है तब भी एक डर है खुशी के साथ-साथ। अब डर लग रहा है कि कहीं ऐसा ही आगे फिर न हो?
आज आप सब ब्लाग मित्रों से, विशेष रूप से उन मित्रों, महानुभावों से जो ब्लाग के साथ तकनीकी ज्ञान की क्षमता रखते हैं, इसकी कार्यप्रणाली को अच्छे से समझते-जानते हैं एक सलाह चाहते हैं। कृपया सही-सही मार्गदर्शन करिएगा।
हम अपने वर्तमान एकाउंट को रेडिफमेल (
dr.kumarendra@rediffmail.com) के द्वारा साइन इन करते हैं। इस एकाउंट से साइन इन करते हैं और ई-मेल के लिए जीमेल पर बनी ई-मेल (dr.kumarendra@gmail.com) का उपयोग करते हैं। कहीं इसी कारण तो हमारा एकाउंट डिसएबल्ड नहीं किया गया? जहाँ तक गूगल की सेवा-शर्तों के उल्लंघन की बात है तो हमने कोई भी काम ऐसा नहीं किया है जिससे किसी भी शर्त का उल्लंघन होता हो।
हमने एक एकाउंट जीमेल (
dr.kumarendra@gmail.com) के द्वारा भी बना रखा है। क्या अब इस प्रकार की बाधिता के बाद उसी एकाउंट के द्वारा साइन इन करना ठीक रहेगा?
जैसा भी सही लगे बताइयेगा। हम तो अभी भी किसी न किसी रूप में गूगल की इस प्रकार की कार्यवाही से डरे से हैं। यदि रेडिफमेल के द्वारा साइन इन करना ही इसकी मुख्य वजह है तो हम अपने सारे ब्लाग जीमेल एकाउंट पर ट्रांसफर कर लेंगे। समस्या हमारे समर्थकों और अन्य दूसरे सहयोगी ब्लाग्स को होगी कि उन्हें दोबारा हमारे लिए आमंत्रण भेजना होगा। हम समझते हैं कि यदि ट्रंसफर जैसा कुछ हुआ तो आप सब साथ रहेंगे।

आप सबकी सलाह की आवश्यकता है, जैसा हो बताइयेगा। उसी के अनुसार तैयारी करके फिर से हंगामा काटा जाये।

6 comments:

"अर्श" said...

badhaayee swikaaren...

arsh

Rachna Singh said...

this happens because google bot is automatic service and it sometiems disale those accounts / blog where there are links. that can happen to old and new acccount like

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

अब निश्चिन्त होकर लिखें।
आशीष जी।
जिन्दाबाद हैं।

काजल कुमार Kajal Kumar said...

चलो जी अच्छा हुआ. मुबारक.

Udan Tashtari said...

हंगामा न काटियेगा..हम तो यूँ भी साथ ही हैं. :)

बधाई हो, खाता वापस मिल गया.

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) said...

कुमारेंद्र जी,

सबसे पहले तो अकाउंट फिर से शुरू होने की बधाई। जहां तक मेरा अनुभव कहता है, रिडिफमेल से अकाउंट को हैंडल करने में गूगल को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। अकाउंट इसलिए डिजेबल हो सकता है, क्योंकि कई बार गूगल के रोबोट्स किसी गतिविधि को गलत समझकर आपको चेतावनी देते हैं। आप सही हैं तो आप शिकायत दर्ज कराएंगे और गूगल आपके अकाउंट को बहाल कर देगा।

ऐसा किसी भी अकाउंट के साथ हो सकता है। आप अपनी व्यवस्था को बहाल रखिए, आपको कोई समस्या नहीं आनी चाहिए।... आभार